तारों की रात थी
चांद घूमने निकला
चौराहे पर पहुंचा तो तीन तारे बात कर रहे थे
क्या कीमत थी तारे बनने की
Was it worth it?

चांद ने कहा
जो कीमत चुकाई उसका सोच रहे हो
या जो कीमत चुका रहे हो उसका
How about
तुम जगमगाओ , ऐसा जगमगाओ
जो तुम्हारी चमक को देखो वो बोले
It’s worth it!!!

सोचा है कभी
प्रकाश आता कहां से है
सूरज जलता कितना है
क्या लगा उसे प्रकाश बनाने में
हम कभी जिंदगी को और कभी जिंदगी हमे देखती है
क्या करोगे जगमगाने के लिए
आधी जिंदगी निकल गई सोचते –सोचते कैसे पहुंचे , कहां पहुंचे ?
ठहरो, पलटो, देखो जहां भी पहुंचे , पहुंचे तो सही!!

हे प्रकाश
जगमगाओ
ऐसा जगमगाओ
दिखने दो तुम्हारे दांत
ऐसा मुस्कुराओ
जो तुम्हे देखे
उसके बाद कहे
Ahh well…life is worth it!!!

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प्यार के रूप

तुम सोई थी कुडमुडा के

चादर ओढ़ाई और हल्के से छुआ था
यह है प्यार यथार्थ का।

तुम्हारे बाल का एक कतरा
तुम्हारी लिपस्टिक पोछी हुई पेपर नैपकिन
मिले मुझे संभाल के रखे हुए
वो है प्यार स्मृति का।

टिमटिमाती सी रात थी
तुम जगमगा रही थी
में तुम्हारी रोशनी में नहा रहा था
मैं, तुम और चाय की एक कुल्लहड़ तीनो बैठे थे सुबह के पांच बजे तक
बातें करते हुए
वो था प्यार कल्पनाओं का ।

और तुम जानना चाहती को की
मैं तुमसे प्यार कितना करता हूं
बताने दो मुझे...
इस दुनिया में जितने रंग हैं
उतना प्यार किया है टूट टूट के।

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https://twitter.com/SarikaGangwal/status/1569713920893648898/photo/1

सिसकती आंखें तो सुनी होंगी
हाथ सिसकते हैं मेरे
जब वो छूते हैं तुम्हें ।

थरकते लब भी सुने होंगे तुमने
दिल थरकते हैं मेरे
जब वो वाली बालों की लट छूती है तुम्हें ।

बस यही दो भावनाऐं हैं
बाकी सब अहसास है
मिथ्य है
मालूम है तुम नहीं हो
पर पांचों इंद्रियां खोजती है तुम्हें।।

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